दिग्विजय से पायें विश्व विजय की प्रेरणा

'मन के हारे हार है मन के जीते जीत’ ये कहावत जितनी व्यक्ति पर लागू होती है, उतनी ही समाज पर भी लागू होती है। विजय की आकांक्षा व विजय की अनुभूति समाजमन को बल देते है। जब समूचा राष्ट्र ही अपनी शक्तियों को भूलने के कारण आत्मग्लानि से ग्रस्त हो जाता है तब कोई अद्वितीय विजय ही उसे इस मानसिक लकवे से बाहर ला सकती हैं। आत्मविस्मृति की मानसिकता पराभव की मानसिकता होती है, अकर्मण्यता की मानसिकता होती है। ऐसे में स्वप्न भी संकुचित हो जाते है। अपना सब कुछ क्षुद्र, त्याज्य लगने लगता है और पराई परम्परायें, विचार व संस्कार केवल अनुकरणीय ही नहीं सम्माननीय भी बन जाते है। 19वीं शताब्दी के अंत मे भारत की यही स्थिति थी। कहीं से कोई आशा नही दिखाई देती थी। पराधीनता तो थी ही, स्वाधीनता के लिए प्रयत्न करने का आत्मविश्वास भी नष्ट सा हो गया था। अंग्रेजों के अंधानुकरण का यह चरम काल था। विदेशी शिक्षा में शिक्षित उच्च वर्ग अंग्रेज-भक्ति मे ही धन्यता समझने लगा था। इस बौद्धिक, मानसिक व आर्थिक दासता की पृष्ठभूमि में 11 सितम्बर 1893 को शिकागो की सर्वपंथसभा में हुए दिग्विजयी चमत्कार को समझना चाहिए। सनातन हिंदू धर्म का गर्वोन्नत प्रतिनिधत्व करते हुए योद्धा, युवा सन्यासी स्वामी विवेकानंद ने प्राचीन ऋषियों के दिव्य सम्बोधन से जब समूचे विश्व को संम्बोधित किया तब केवल सभागार में बैठे 7000 श्रोता ही नहीं अपितु पूरा अमेरिका बंधुत्व भाव से अनुप्राणित हो गया। श्रोताओं को लगभग आध्यात्मिक सी अनूभूतियाँ होने लगी। किसी ने कहा कि -’अमेरिका निवासी मेरे प्यारे भगिनी और बंधुवर’ इन पांच शब्दो को सुनकर हमारे शरीर में विद्युत तरंग सी दौडने लगी थी’। किसी ने अपनी दैनंदिनी मे लिखा कि मुझे मेरा खोया भाई मिल गया। जैसे सामान्यतः प्रचारित किया गया है कि श्रोताओं ने बहनों और भाईयों का संबोधन पहले सुना ही नही था, इस कारण कई मिनटों तक तालियाँ बजती रही। इसके विपरित, तथ्य यह है कि बंधुत्व के संबोधन का प्रयोग करने वाले स्वामी विवेकानंद उस दिन की सभा के पहले वक्ता नहीं थे। उनसे पूर्व भी अनेक लोगों ने लगभग ऐसे ही संबोधन से सभा को संबोधित किया था। फिर भी आधे घंटे बाद यह संबोधन सुनते ही श्रोताओं ने ऐसी अनूठी प्रतिक्रिया दी। इसके पीछे वैदिक ऋषियों की परंपरा से उत्पन्न भारतीय संस्कृति के एकात्म जीवन दर्शन की प्रत्यक्ष अनुभूति थी। इसीलिए यह केवल एक व्यक्ति का जागतिक मंच पर प्रतिष्ठित होना नहीं था, चिरपुरातन नित्यनूतन हिंदू जीवन पद्धति का विश्व विजय था। इस अदभुत घटना के मात्र 1 वर्ष के अंदर ही देश का सामान्यजन भी इसके बारे मे चर्चा करने लगा था। इस दिग्विजय की घटना ने भारत के मानस को झकझोर दिया और यह सुप्त देश जागृत हुआ। ’हम भी कुछ कर सकते हैं,’ ’हमारी अपनी धर्म, संस्कृति, परंपरा में विश्व विजय की क्षमता है’ इसका भान इस आत्मग्लानि से ग्रसित राष्ट्रदेवता को घोर निद्रा से बाहर लाने के लिए पर्याप्त था। अतः शिकागो की परिषद में हुए आध्यात्मिक दिग्विजय को हम भारत के सर्वतोमुखी विश्वविजय का शुभारंभ कह सकते हैं। इतिहास इस घटना के गांभीर्य को भले ही अभी पूर्णता से न समझ पाया हो और संभवतः आने वाले निकट भविष्य में भारत के विजय के पश्चात ही इसे जान सके किंतु स्वामी विवेकानंद स्वयं अपने पराक्रम को पहचानते थे। अतः 2 जनवरी 1897 को रामनाड में बोलते हुए उन्होने अपने अभूतपूर्व स्वागत के प्रत्युत्तर का प्रारंभ इन शब्दों से किया ’’सुदीर्घ रजनी अब समाप्तप्राय सी जान पडती है, यह काली घनी लंबी रात अब टल गयी; पूर्वाचल के नभ में उषाःकाल की लाली ने समूचे विश्व के सम्मुख यह उद्घोष कर दिया है कि यह सोया भारत अब जाग उठा है।’’ 1897 में अंग्रेजों की पराधीनता से ग्रस्त भारत के प्रति स्वामी विवेकानंद का अद्भुत आत्मविश्वास तो देखिए कि वे आगे कहते हैं ’’केवल अंधे देख नहीं सकते और विक्षिप्त बुद्धि समझ नहीं सकते कि यह सोया हुआ अतिकाय अब जाग उठा है। अब यह नहीं सोयेगा। विश्व की कोई शक्ति इसे तब तक परास्त नहीं कर सकती जब तक यह अपने दायित्व को न भुला दे।’’ स्वामी विवेकानंद ने मृतप्राय से हिंदू समाज के सम्मुख विश्वविजय का उदात्त लक्ष्य रखा। एक स्थान पर बोलते हुए उन्होने स्पष्टता से कहा है ’कोई अन्य नहीं व तनिक भी कम नहीं केवल विश्वविजय ही मेरा लक्ष्य है।’ जब हम पूरे विश्व में योग दिवस मनाने के बाद पुनः विश्वगुरू के पद पर माता को आसीन करने के संकल्प कर रहे हैं तब हमें भारत के इस आध्यात्मिक विश्वविजय के जीवन लक्ष्य का पुनःस्मरण करना अत्यावश्यक है। स्वतंत्रता के पश्चात हमारी शिथिलता ने नयी पीढी को राष्ट्र ध्येय के प्रति उदासीन कर दिया है। भारत के स्वातंत्र्य का अर्थ ही वर्तमान पीढी भूल गई हैं। इस कारण जब थोडे से देशाभिमान से आज का युवा प्रेरित भी हो जाए तो भारत को विश्व का सबसे अमीर देश बनाने का स्वप्न देखता है। स्वामी विवेकानन्द ने स्पष्ट कहा है ’भारत विश्वविजय करेगा यह निश्चित है किन्तु यह विजय राजनैतिक, सैन्यबल अथवा आर्थिक शक्ति से नहीं होगी। अपितु आत्मा की शक्ति से ही होगी’ स्वामी जी ने सिंहगर्जना की थी, ’उठो भारत! अपनी आध्यात्मिक शक्ति से संपूर्ण विश्व पर विजय प्राप्त करो।’ आर्थिक सम्पन्नता, कूटनीतिक सम्प्रभुता इस आध्यत्मिक जगतगुरु पद के प्रतिबिम्ब मात्र होंगे। अतः प्रयत्न राष्ट्र की संस्कृति के आध्यत्मिक जागरण के लिए होने चाहिए। स्वामी विवेकानंद के दिग्विजय दिन पर हमारी सम्यक श्रद्धांजलि यह होगी, कि हम चिरविजय की आकांक्षा को राष्ट्रजीवन में पुन: जागृत कर दें। स्वामी विवेकानंद ने यही दृष्य अपनी आँखों से जीवंत स्पष्ट देखा था और उन्होंने आहवान किया था ’हम अपने जीवन पुष्प अर्पित कर अपनी मातृभूमि को विश्वमान्य गुरुपद पर आसीन करें।’ आइए, संकल्प करें कि अपने जीते जी इस दृष्टि को साकार करने का प्राणपण से पराक्रम करेंगे। मुकुल कानिटकर अ. भा. सहसंगठन मंत्री भारतीय शिक्षण मण्डल
लेख
अमर बलिदानी श्री गुरु अर्जुनदेव जी एक जीवन परिचय !! बलिदान दिवस पर शत शत नमन

शांति के पुंज, शहीदों के सरताज, सिखों के पांचवें गुरु श्री अर्जुन देव जी की शहादत अतुलनीय है। मानवता के सच्चे सेवक, धर्म के रक्षक, शांत और गंभीर स्वभाव के स्वामी श्री गुरु अर्जुन देव जी अपने युग के सर्वमान्य लोकनायक थे। वह दिन-रात संगत की सेवा में लगे रहते थे। उनके मन में सभी … Continue reading अमर बलिदानी श्री गुरु अर्जुनदेव जी एक जीवन परिचय !! बलिदान दिवस पर शत शत नमन


कर्म करने की प्रेरणा देती है भगवद्गीता

(21 दिसंबर, गीता जयन्ती पर विशेष) “जब शंकाएं मुझ पर हावी होती हैं, और निराशाएं मुझे घूरती हैं, जब दिगंत में कोई आशा की किरण मुझे नजर नहीं आती, तब मैं गीता की ओर देखता हूं.” – महात्मा गांधी. संसार का सबसे पुराना दर्शन ग्रन्थ है भगवद्गीता. साथ ही साथ विवेक, ज्ञान एवं प्रबोधन के … Continue reading कर्म करने की प्रेरणा देती है भगवद्गीता


दिग्विजय से पायें विश्व विजय की प्रेरणा

‘मन के हारे हार है मन के जीते जीत’ ये कहावत जितनी व्यक्ति पर लागू होती है, उतनी ही समाज पर भी लागू होती है। विजय की आकांक्षा व विजय की अनुभूति समाजमन को बल देते है। जब समूचा राष्ट्र ही अपनी शक्तियों को भूलने के कारण आत्मग्लानि से ग्रस्त हो जाता है तब कोई … Continue reading दिग्विजय से पायें विश्व विजय की प्रेरणा


विख्यात पत्रकार जिलानी के

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का लक्ष्य सम्पूर्ण समाज को संगठित कर अपने हिन्दू जीवन दर्शन के प्रकाश में समाज की सर्वांगीण उन्नति करना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य किसी भी मजहब विशेष के विरुद्ध नहीं है। परन्तु किसी भी प्रकार की राष्ट्र विरोधी गतिविधि का संघ हमेशा विरोध करता आया है। समाज के वामपंथी एवं … Continue reading विख्यात पत्रकार जिलानी के


मदर टेरेसा का ईसाई मिशनरीज

कानून के विरोध में ईसाई मिशनरियों ने कोलकाता में प्रदर्शन करने व जुलूस निकालने शुरु किये। लोगों को बहुत आश्चर्य हुआ, जब मदर टेरेसा भी इन प्रदर्शनों में अग्रिम पंक्तियों में देखी गईं। मदर टेरेसा सेवा कार्यों में लगी हुई थीं, उनका विदेशी पैसे के बल पर मतान्तरण के काम में लगे इन ईसाई समूहों … Continue reading मदर टेरेसा का ईसाई मिशनरीज


समाचार
संघ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने में विश्वास करता है – जे. नंद कुमार जी

भोपाल (विसंकें). केरल में मार्क्सवादियों द्वारा लगातार हो रही हत्या के विरोध में पूरे देश में 01 से 03 मार्च के बीच विभिन्न मंचों, संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम में 01 मार्च को उज्जैन में जन अधिकार समिति द्वारा आक्रोश सभा एवं धरने का आयोजन किया गया था. इसमें … Continue reading संघ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने में विश्वास करता है – जे. नंद कुमार जी


भारत में जितनी आजादी मिली है, शायद ही विश्व के अन्य किसी देश में हो – संजीवन कुमार जी

मानवाधिकार मंच हिमाचल ने केरल में हो रही हिंसा के विरोध में किया प्रदर्शन शिमला (विसंकें). मानवाधिकार रक्षा मंच हिमाचल प्रदेश ने शिमला में केरल में मार्क्सवादी (कम्युनिस्ट) सरकार के संरक्षण में राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की श्रृंखलाबद्ध हत्याओं के विरोध में प्रदर्शन किया. राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा. शिमला के … Continue reading भारत में जितनी आजादी मिली है, शायद ही विश्व के अन्य किसी देश में हो – संजीवन कुमार जी


केरल में माकपा ने देवभूमि को कत्लखाना बना दिया – जे. नंदकुमार जी

केरल में माकपा गुंडों द्वारा राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में मानव अधिकार मंच का धरना भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंदकुमार जी ने कहा कि पिछले 8 महीनों में केरल में मार्क्सवादियों की सरकार आने के बाद पौने दो लाख आपराधिक मामले पंजीकृत हुए हैं. इनमें … Continue reading केरल में माकपा ने देवभूमि को कत्लखाना बना दिया – जे. नंदकुमार जी


समाज कार्य रूपी यज्ञ में तपस्या गुप्त सरस्वती की तरह सतत जारी रहनी चाहिये – डॉ. मोहन भागवत जी

चित्रकूट (विसंकें). चार दिवसीय विशाल ग्रामोदय मेले का समापन राष्ट्रऋषि नानाजी की सातवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के साथ हुआ. संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के साथ ही केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रुढ़ी उपस्थित थे. … Continue reading समाज कार्य रूपी यज्ञ में तपस्या गुप्त सरस्वती की तरह सतत जारी रहनी चाहिये – डॉ. मोहन भागवत जी


‘भारत माता की जय’ हमारे हृदय की भाषा है – डॉ. मोहन भागवत जी

दुनिया भारत को विश्वगुरु की भूमिका में देख रही है – डॉ. मोहन भागवत जी भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब हम हिन्दू समाज कहते हैं, तब उसका अर्थ होता है, संगठित हिन्दू. यदि हममें किसी भी प्रकार का भेद और झगड़ा है, तब हम अस्वस्थ समाज हैं. … Continue reading ‘भारत माता की जय’ हमारे हृदय की भाषा है – डॉ. मोहन भागवत जी


समाज से विघटनकारी शक्तियों को करना होगा समाप्त – सीताराम व्यास जी

मेले के आखिरी दिन संस्कृतियों और सभ्यताओं का संगम देखने पहुंचे एक लाख से अधिक लोग गुरुग्राम (विसंकें). हरियाणा में पहली बार गुरुग्राम के लेजरवैली पार्क में आयोजित हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के अंतिम दिन देश की विभिन्न संस्कृतियों और सभ्यताओं का संगम दिखाई दिया. देश के अलग-अलग प्रदेशों से आए कलाकारों की बेहतरीन … Continue reading समाज से विघटनकारी शक्तियों को करना होगा समाप्त – सीताराम व्यास जी


दुनिया को परिवार के रूप में हिन्दू संस्कृति ही बांध सकती है – ज्ञानानंद जी महाराज

हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले में गंगापूजन, गोधन पूजन, तुलसी पूजन कर प्रकृति वंदन किया गुरुग्राम (विसंकें). हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) के लेजरवैली पार्क में गुरुवार को हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की भव्य शुरुआत हुई. भारतीय संस्कृति, सभ्यता, हिन्दू संस्कारों के साथ-साथ हिन्दुओं के सेवा कार्य को दुनिया के सामने रखने के उद्देश्य से … Continue reading दुनिया को परिवार के रूप में हिन्दू संस्कृति ही बांध सकती है – ज्ञानानंद जी महाराज


छह मई को खुलेंगे श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट

देहरादून (विसंकें). चार धामों में से एक श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित कर दी गई है. धाम के कपाट आगामी छह मई को ब्रह्ममुहूर्त में 4.15 बजे खोले जाएंगे. जबकि, बद्रीविशाल के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिल के तेल का कलश (गाडू घड़ा) 22 अप्रैल को नरेंद्रनगर स्थित राजमहल से … Continue reading छह मई को खुलेंगे श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट


बिना किसी अपेक्षा के निःस्वार्थ भाव से सेवा करना ही स्वयंसेवकों का ध्येय रहता है – इंद्रेश कुमार जी

शिमला (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में महिलाएं सेविका समिति के माध्यम से काम रही है. उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक में चरित्र निर्माण करना है, इसके लिए ही यह वर्ग आयोजित किए जाते हैं. इसमें प्रशिक्षण लेकर स्वयंसेवक … Continue reading बिना किसी अपेक्षा के निःस्वार्थ भाव से सेवा करना ही स्वयंसेवकों का ध्येय रहता है – इंद्रेश कुमार जी


-3 डिग्री तापमान में संघ का प्रशिक्षण ले रहे हैं स्वयंसेवक

शिमला. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कार्यकर्ता निर्माण के लिए वर्गों का विशेष महत्व है. ऐसे वर्गों से ही देश और समाज के लिए देशभक्त, अनुशासित, चरित्रवान और निःस्वार्थ भाव से काम करने वाले कार्यकर्ता तैयार होते हैं. वह समाज के प्रति संवेदनशील बनते हैं, जो संकट के समय सबसे पहले लोगों की मदद के लिए … Continue reading -3 डिग्री तापमान में संघ का प्रशिक्षण ले रहे हैं स्वयंसेवक


यह देश करुणा, सामंजस्य, समन्वय, शान्ति और धर्म का है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने ‘सामाजिक समरसता और हिन्दुत्व’ एवं ‘दत्तोपंत ठेंगड़ी जीवन दर्शन व एकात्म मानववाद – खंड 7 व 8’ नाम से तीन पुस्तकों का लोकार्पण किया. नई दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में सुरुचि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इन पुस्तकों के विमोचन के अवसर पर नेशनल … Continue reading यह देश करुणा, सामंजस्य, समन्वय, शान्ति और धर्म का है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी


शिमला में संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष शुरू

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिमाचल प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष (सामान्य) शिमला के हिमरश्मि विद्यालय परिसर में 08 जनवरी, दोपहर 12.30 बजे से शुरू हो गया है. वर्ग की कुल संख्या 206 है, जिसमें हिमाचल से 203 और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से तीन स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं. शिक्षार्थियों के लिए वर्ग विशेष रहने … Continue reading शिमला में संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष शुरू


सबल समाज सब को साथ लेकर चलता है – सुरेश भय्या जी जोशी

श्रद्धेय भाऊ साहेब भुस्कुटे स्मृति व्याख्यानमाला टिमरनी मध्यभारत (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी ने कहा कि प.पू. बाला साहेब देवरस (तृतीय सरसंघचालक) का जीवन संघ का इतिहास है. उनके जीवन में संघ के अलावा और कुछ नहीं था. संघ कार्य को गति और दिशा देने वाले लोगों में उनका विशेष … Continue reading सबल समाज सब को साथ लेकर चलता है – सुरेश भय्या जी जोशी


वैभवशाली, शक्तिशाली, संगठित व स्वाभिमानी भारत बनाना है – दत्तात्रेय होसबले जी

रांची (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि हमें वैभवशाली, शक्तिशाली, चरित्रवान एवं संगठित भारत बनाना है. जिस भारत मां ने हमें सब कुछ दिया है, उसके लिए हम भी कुछ करना सीखें. स्वयंसेवक इसी भाव को लेकर काम भी करता है. वह पूरे देश को अपना मानता है. काम करने … Continue reading वैभवशाली, शक्तिशाली, संगठित व स्वाभिमानी भारत बनाना है – दत्तात्रेय होसबले जी


संघ आत्मीयता, स्नेह व प्रेम बांटता है – बनवीर कुमार जी

करनाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर क्षेत्र के सह क्षेत्र प्रचारक बनवीर कुमार जी ने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने हमें संघ का जो मार्ग दिखाया, वह हमें आत्मीयता, स्नेह व प्रेम की भावना सीखाता है. संघ का काम व्यक्ति निर्माण (चरित्रवान व्यक्ति) का है, पहले यह काम घर-घर में … Continue reading संघ आत्मीयता, स्नेह व प्रेम बांटता है – बनवीर कुमार जी


वरिष्ठ प्रचारक सूर्यकृष्ण जी का निधन, चिकित्सा शोध हेतु देहदान

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री सूर्यकृष्ण जी का 13 मार्च रविवार दोपहर 12.30 बजे निधन हो गया. उन्होंने नेत्रदान व देहदान का संकल्प लिया था. जिसके अनुसार नेत्रदान तथा देहदान की प्रक्रिया को पूरा किया गया. श्री सूर्यकृष्ण जी का जन्म 23 मई 1934 को मिंटगुमरी में हुआ था. उनके पिता … Continue reading वरिष्ठ प्रचारक सूर्यकृष्ण जी का निधन, चिकित्सा शोध हेतु देहदान


प्रतिनिधि सभा ने किया समाज में समरसता लाने का आह्वान – भय्या जी जोशी

नागौर, जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कहा कि समाज के अंदर भेदभावपूर्ण वातावरण चिंतनीय है. मीरा की धरती से अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव पारित कर समाज में समरसता लाने का आह्वान किया है कि प्रत्येक व्यक्ति को दैनंदिन जीवन में व्यक्तिगत, पारिवारिक, तथा सामाजिक स्तर पर … Continue reading प्रतिनिधि सभा ने किया समाज में समरसता लाने का आह्वान – भय्या जी जोशी


जयपुर में पुनः अपने मूल स्थान पर विराजे रोजगारेश्वर महादेव

जयपुर (विसंकें). त्रिवेणी धाम के पूज्य नारायणदास जी महाराज ने प्रातः 10.15 बजे रोजगारेश्वर महादेव की शिव पंचायत सहित पुनः मूल स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा की तो छोटी काशी हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों से गुंज उठी. पूज्य नारायण दास जी महाराज ने कहा कि रोजगारेश्वर महादेव मन्दिर की पुर्नस्थापना हिन्दू समाज के लिए … Continue reading जयपुर में पुनः अपने मूल स्थान पर विराजे रोजगारेश्वर महादेव


नागौर में सरसंघचालक जी ने प्रतिनिधि सभा की बैठक का शुभारंभ किया

नागौर, जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक शुक्रवार सुबह से नागौर (राजस्थान) में शुरू हो गई. प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक का विधिवत शुभारंभ सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने किया. तीन दिवसीय बैठक के दौरान देश व समाज से जुड़े अहम … Continue reading नागौर में सरसंघचालक जी ने प्रतिनिधि सभा की बैठक का शुभारंभ किया


पिछले एक वर्ष में बढ़ीं 5524 शाखाएं और 925 मिलन – डॉ. कृष्णगोपाल जी

नागौर, जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि देशभर में संघ के कार्य में निरंतर वृद्धि हो रही है. पिछले एक वर्ष के दौरान 5524 शाखाएं तथा 925 मिलन (साप्ताहिक शाखा) बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में 40922 शाखाएं थीं, जो वर्ष 2015 में बढ़कर 51335 … Continue reading पिछले एक वर्ष में बढ़ीं 5524 शाखाएं और 925 मिलन – डॉ. कृष्णगोपाल जी


सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी को प्राप्त हो – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा – 2016 नागौर, जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और समरसता आचरण समाज में बढ़े इन विषयों पर चर्चा की जाएगी. बैठक में स्वयंसेवकों के गणवेश परिवर्तन पर भी निर्णय संभव … Continue reading सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी को प्राप्त हो – डॉ. मनमोहन वैद्य जी


समाज हित, राष्ट्र हित को सदैव प्राथमिकता में रखे मीडिया – डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री जी

चामुण्डा (हिमाचल प्रदेश). हिमाचल प्रदेश के चामुण्डा में उत्तर भारत के नवोदित पत्रकारों के लिए दस दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र तथा पत्रकारिता जनसंचार एवं नवमाध्यम विद्याशाखा के संयुक्त तत्वाधान में मातृवंदना संस्थान शिमला के सहयोग से किया जा … Continue reading समाज हित, राष्ट्र हित को सदैव प्राथमिकता में रखे मीडिया – डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री जी


हिन्दू समाज ने हमेशा सभी को संरक्षण ही दिया है – सुरेश भय्या जी जोशी

कर्णावती (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कर्णावती (गुजरात) में आयोजित सामाजिक सदभाव बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दू समाज कभी भी विनाशकारी नहीं रहा है, इस समाज ने हमेशा सभी को संरक्षण ही दिया है. कालान्तर में हिन्दू समाज में कुछ दोष आ गए, क्योंकि उसे अपनी ही … Continue reading हिन्दू समाज ने हमेशा सभी को संरक्षण ही दिया है – सुरेश भय्या जी जोशी


गौभक्तों को सांप्रदायिक कहने वाले माफी मांगें – विहिप

शिमला (विसंकें). चंबा में गोहत्या प्रकरण के बाद विश्व हिंदू परिषद पर प्रशासन की ओर से की गयी विवादित टिप्पणियों के विरोध में सोमवार को विहिप के नेतृत्व में विभिन्न गौभक्त संगठनों ने प्रदेश के 42 स्थानों से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया. राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन उपायुक्तों, उपमंडल दंडाधिकारियों एवं तहसीलदारों के माध्यम … Continue reading गौभक्तों को सांप्रदायिक कहने वाले माफी मांगें – विहिप


स्वयंसेवकों की सूझबूझ व बहादुरी से टला बड़ा हादसा

लुधियाना (पंजाब). लुधियाना में स्वयंसवेकों की सूझबूझ व बहादुरी के कारण बड़ा हादसा टल गया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंजाब के प्रांत प्रचारक किशोर कांत जी ने बताया कि  लुधियाना स्थित जनकपुरी संघस्थान पर शाखा लगने से कुछ समय पूर्व लगभग 6.25 पर संघस्थान के बाहर पेड़ की ओट में खड़े एक मोटरसाइकिल सवार से अपने … Continue reading स्वयंसेवकों की सूझबूझ व बहादुरी से टला बड़ा हादसा


विज्ञान में भारतीय छात्रों ने बनाया विश्व कीर्तिमान

नई दिल्ली. विज्ञान के एक प्रैक्टिकल में हिस्सा लेकर भारतीय छात्रों ने अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करवाया है. भारतीय छात्रों द्वारा बनाए इस विश्व रिकार्ड का उल्लेख करते हुए गिनीज बुक ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि सबसे बड़े प्रायोगिक विज्ञान पाठ में दो हजार छात्रों ने हिस्सा लिया था और … Continue reading विज्ञान में भारतीय छात्रों ने बनाया विश्व कीर्तिमान


पुणे में शिवशक्ति संगम की तैयारियां पूरी, एक लाख से अधिक स्वयंसेवक होंगे सहभागी

पुणे (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत की ओर से आयोजित शिवशक्ति संगम की तैयारी पूरी हो चुकी है और इस महासांघिक के लिए पूरे प्रांत से (सरकारी सात जिलों से बना हुआ प्रांत) 1 लाख 20 हजार से अधिक स्वयंसेवक तथा 50 हजार से अधिक नागरिक बांधव उपस्थित रहेंगे. यह जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक … Continue reading पुणे में शिवशक्ति संगम की तैयारियां पूरी, एक लाख से अधिक स्वयंसेवक होंगे सहभागी


भारतीय चिन्तन हराने में नहीं, मन जीतने में विश्वास रखता है – सुरेश भय्या जी जोशी

इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विश्व के अन्य देशों में कार्यरत शाखा हिन्दू स्वयंसेवक संघ के पांच दिवसीय विश्व संघ शिविर-2015 का शुभारंभ 29 दिसंबर को इंदौर के एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल में हुआ. शिविर का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी तथा लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने दीप प्रज्ज्वलन कर … Continue reading भारतीय चिन्तन हराने में नहीं, मन जीतने में विश्वास रखता है – सुरेश भय्या जी जोशी


सामाजिक समता से ही सामाजिक एकता आएगी – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने “सामाजिक समरसता” विषय पर व्याख्यान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सामाजिक एकता की आवश्यकता होती है और समाज में एकता की पूर्व शर्त है सामाजिक समता. जब समता आएगी तो सामाजिक एकता अपने आप आएगी. इसके लिए … Continue reading सामाजिक समता से ही सामाजिक एकता आएगी – डॉ. मोहन भागवत जी


मानवता को जीवित रखने के लिए गीता के श्लोकों का मनन जरूरी – कप्तान सिंह सोलंकी जी

कुरुक्षेत्र (विसंकें). पंजाब व हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता भारत का विचार है. इसे पवित्र धर्म ग्रंथ ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की आस्था और जीवन ग्रंथ भी माना जाता है. इसलिए मानवता को जीवित रखने के लिए आज गीता के श्लोकों का मनन करना बहुत जरूरी … Continue reading मानवता को जीवित रखने के लिए गीता के श्लोकों का मनन जरूरी – कप्तान सिंह सोलंकी जी


संघ के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

आगरा (विसंकें). कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री द्वारा फेसबुक पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरूद्ध किए गए फर्जी पोस्ट मामले में आगरा पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कर ली है. सदर थाना में दर्ज हुई प्रथम सूचना रिपोर्ट में पुलिस ने डॉ. निर्मल खत्री व अन्य दो व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड … Continue reading संघ के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर


अंग्रेजों की शिक्षा प्रणाली ने युवाओं में देश​भक्ति की भावना समाप्त कर दी – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल​ जी ने कहा कि आजादी से पहले अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया. उनकी शिक्षा पद्धति ने देश के युवाओं में देशप्रेम की भावना समाप्त कर दी. इसके कारण अपने ही देश के युवा देश के बारे में भला-बुरा कहने लगे. अंग्रेजों ने देश … Continue reading अंग्रेजों की शिक्षा प्रणाली ने युवाओं में देश​भक्ति की भावना समाप्त कर दी – डॉ. कृष्ण गोपाल जी


सभी को एक साथ लेकर चलना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल मंत्र – इंद्रेश कुमार जी

इलाहाबाद (काशी). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एकता को अपना सूत्र माना है, जिसमें सबसे अहम सभी को एक साथ लेकर चलने का मूल मंत्र है. इंद्रेश जी रविवार को प्रयाग संगीत समिति में आयोजित एक दिवसीय तरूण संगम के उद्घाटन … Continue reading सभी को एक साथ लेकर चलना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल मंत्र – इंद्रेश कुमार जी


हिप्र उच्च न्यायालय में अधिवक्ता परिषद ने संविधान दिवस मनाया

शिमला (विसंकें). 26 नवंबर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में अधिवक्ता परिषद हिमाचल प्रदेश की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्मचंद चौधरी रहे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायाधीश पीसी राणा, विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर रहे. परिषद … Continue reading हिप्र उच्च न्यायालय में अधिवक्ता परिषद ने संविधान दिवस मनाया


तीन माह में गोवध पर प्रतिबंध के लिए कानून बनाए केंद्र सरकार – हिप्र उच्च न्यायालय

शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को गौहत्या पर राष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने के आदेश जारी किए हैं। न्यायालय ने कहा है कि गोवध, गोवंशियों के आयात-निर्यात और गोमांस व गोमांस से बने उत्पादों को प्रतिबंधित करने वाले कानून को देश भर में प्रभावी रूप से लागू … Continue reading तीन माह में गोवध पर प्रतिबंध के लिए कानून बनाए केंद्र सरकार – हिप्र उच्च न्यायालय


लोकगाथाओं में स्थित इतिहास को इतिहासकार भी नहीं बदल सकते – प्रेम कुमार धूमल

हमीरपुर । ठाकुर जगदेव चन्द स्मृति शोध संस्थान नेरी में ‘इतिहास लेखन में लोकगाथाओं का योगदान’ पर चल रहा त्रिदिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद रविवार 04 अक्तूबर को समाप्त हो गय। इस अवसर पर नेता विपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। धूमल ने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर राम … Continue reading लोकगाथाओं में स्थित इतिहास को इतिहासकार भी नहीं बदल सकते – प्रेम कुमार धूमल


शिक्षक और विद्यार्थी एक दूसरे के प्रति समर्पण का भाव रखें – राज्यपाल आचार्य देवव्रत

शिमला (विसंकें)। विद्या भारती द्वारा संचालित हिमाचल शिक्षा समिति की नवीनीकृत वेबसाइट का शुभारंभ एवं चयनित विद्या मंदिरों के प्रधानाचार्यों की शिमला में हिमरश्मि सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा तिलक लगाकर राज्यपाल का स्वागत किया … Continue reading शिक्षक और विद्यार्थी एक दूसरे के प्रति समर्पण का भाव रखें – राज्यपाल आचार्य देवव्रत


आधे सत्य पर पर्दा डालकर, अर्ध सत्य दिखाना देश, समाज के साथ धोखा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र सूनामी के दौर से गुजर रहा है। समाचार जगत में मान-सम्मान, चकाचौंध सबकुछ है, पर, इसमें यथार्थ और सत्यता को भी टिकाए रखना है। वर्तमान समय में समाचार को सनसनीखेज बनाने की कोशिश करते हैं, आधे सत्य … Continue reading आधे सत्य पर पर्दा डालकर, अर्ध सत्य दिखाना देश, समाज के साथ धोखा


संघ यानि सामूहिकता, एकात्मता, आत्मीयता का बोध – सह सरकार्यवाह जी

सिलीगुड़ी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह वी भगैय्या जी ने कहा कि कभी नक्सलवाड़ी से गरीब श्रमजीवियों को ससम्मान जीने के लिये एक आंदोलन खड़ा किया गया था। जो माओवाद पर आधारित था। इस हिंसक आन्दोलन से समाज के गरीबों, शोषितों, मजदूरों और वनवासियों का किसी तरह का कोई हित साध्य नहीं हुआ। आज … Continue reading संघ यानि सामूहिकता, एकात्मता, आत्मीयता का बोध – सह सरकार्यवाह जी


दुनिया चाहती है कि आपदा के बाद नेपाल फिर खड़ा हो – सह सरकार्यवाह जी

नेपाल में आए भूकम्प के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले राहत कार्यों का मार्गदर्शन करने नेपाल गए थे। उन्होंने पीडि़तों के दु:ख-दर्द को साझा किया, उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और हिन्दू स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों में हाथ बंटाया। नेपाल से दिल्ली लौटने पर साप्ताहिक पाञ्चजन्य … Continue reading दुनिया चाहती है कि आपदा के बाद नेपाल फिर खड़ा हो – सह सरकार्यवाह जी


अंग्रेजों ने भारत के गौरवपूर्ण इतिहास को मिथक बना दिया – जगदीश उपासने जी

शिमला। इंडिया टुडे के पूर्व संपादक जगदीश उपासने जी ने कहा कि अंग्रेजों ने गौरवपूर्ण भारतीय इतिहास को मिथकीय बना दिया। आज पूरा विश्व भारत के पवित्र शास्त्रों की खोज में लगा है, पाणिनी के सूत्र से आईबीएम सॉफ्टवेयर कंपनी ने अपनी कंपनी के प्रमुख सॉफ्टवेयर को विकसित किया है। उपासने जी ने भारतीय इतिहास … Continue reading अंग्रेजों ने भारत के गौरवपूर्ण इतिहास को मिथक बना दिया – जगदीश उपासने जी


नेपाल में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिये 1600 से अधिक स्वयंसेवक कार्य में जुटे

दिल्ली, 18 मई। राष्ट्रीय सेवा भारती के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश टोंक, सेवा इंटरनेशनल के संयोजक श्याम परांडे जी ने राष्ट्रीय सेवा भारती दिल्ली के कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि 25 अप्रैल 2015 को विनाशकारी भूकंप ने हमारे पड़ोसी देश में लगभग 15 हजार लोगों की जान ले ली, हजारों घरों को … Continue reading नेपाल में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिये 1600 से अधिक स्वयंसेवक कार्य में जुटे


गंगा की अविरलता ही गंगा की निर्मलता और रक्षा का एकमात्र मार्ग

हरिद्वार। प्राचीन श्रीराम मन्दिर, भोपतवाला में विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक के प्रथम सत्र में दो प्रस्ताव – गंगा की अविरलता ही गंगा की निर्मलता और रक्षा का एकमेव मार्ग है, श्वेत क्रान्ति और भारत के गांव व गरीब किसान के विकास का मूलाधार गोवंश की रक्षा में सन्निहित है, पारित … Continue reading गंगा की अविरलता ही गंगा की निर्मलता और रक्षा का एकमात्र मार्ग


समतायुक्त, शोषण मुक्त समाज के निर्माण का काम संघ कर रहा है – डॉ मोहनजी भागवत

नागपुर। सरसंघचालक पपू। डॉ मोहन जी भागवत ने कहा कि भारत में, हर क्षेत्र में आज बदलाव का अनुभव हो रहा है। दुनिया में भारत की मान-प्रतिष्ठा बढ रही है, भारत के प्रति दुनिया की आशा-आकांक्षा बढ़ रही है। सरसंघचालक जी रेशिमबाग परिसर में तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के समारोप कार्यक्रम में संबोधित कर … Continue reading समतायुक्त, शोषण मुक्त समाज के निर्माण का काम संघ कर रहा है – डॉ मोहनजी भागवत


संघ के वरिष्ठ प्रचारक व पत्र-यात्री शरद लघाटे का निधन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी तथा पत्र यात्री के नाम से ख्याति प्राप्त शरद लघाटे जी का 30 मई रात्रि को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया। 75 वर्षीय लघाटे जी पिछले कुछ समय से मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित थे। दिल्ली के ग्रीन … Continue reading संघ के वरिष्ठ प्रचारक व पत्र-यात्री शरद लघाटे का निधन


प्रशंसा पत्र
प्रो. प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री हि.प्र. (जनवरी 2008)

मातृवंदना के 3 लाख पाठकों में से मैं भी एक नियमित पाठक हूं और मैं तो उस दिन प्रसन्न हूंगा जब हिमाचल के 60 लाख लोग इसे पढेंगे और घर- घर में संस्कार देने वाली पत्रिका उपलब्ध होगी. तभी भारत की संस्कृति सुरक्षित होगी और हिन्दू संस्कृति भी खिलेगी.


डॉ. मोहनराव भागवत, सरसंघचालक रा.स्व.संघ (अप्रैल 2003)

मातृवन्दना जैसी जागरण पत्रिकांएं देश भर में तीन लाख से अधिक गांव मेें जा रही हैं और समाज का विश्वास प्राप्त कर रही हैं जबकि दूसरी ओर अन्य प्रचार माध्यम अपनी विश्वसनीयता खोते जा रहे हैं।


हरि राम धीमान नालागढ

मातृवन्दना की वेबसाईट शुरू होने पर बहुत बहुत बधाई। इससे पत्रिका का और विस्तार होगा। आज के युग में जिन लोगों के पास पुस्तकें पढने के लिये समय नहीं है, नेट पर मातृवन्दना उपलब्ध होने से उन्हे भी लाभ होगा.


श्री वी.एस.कोकजे पूर्व राज्यपाल,हि.प्र.

वास्तव में मातृवन्दना जैसी पत्रिका और इस तरह की पत्रकारिता की आवश्यकता है ताकि लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान की जानकारी मिल सके।


Dr Nitin Vyas

मैं पिछले दो साल से मातृवंदना का एक सतत पाठक हूँ. यह हमारी विचारधारा का वास्तविक दर्पण है कह सकते हैं. नए भारत के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है यह पत्रिका.


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